Vivan The Super Star - 1 in Hindi Children Stories by Himanshu Singh books and stories PDF | विवान द सुपर स्टार - 1

Featured Books
  • Back for Revenge - 6

    उसे इस तरह तड़पते हुए देख सभी घबरा से गये थें। पार्टी-वार्टी...

  • मैं हो रहा हूॅं

    कहते है जीवित बचे रहना बहुत बड़ी बात है पर कोई ये नहीं जानता...

  • इस घर में प्यार मना है - 15

    उस दिन मनमोहन और प्रार्थना किसी काम से गाँव के दूसरे छोरगए ह...

  • पर्दे के पीछे - 3

    सब औरतों की हँसी-मज़ाक चल रही थी।किसी के नए सूट की बात…किसी...

  • The Marriage Mistake

    भाग 1दिल्ली की ठंडी रात, चमकती रोशनी, और शाही होटल "रॉयल क्र...

Categories
Share

विवान द सुपर स्टार - 1

विवान महज दो महीने का लड़का था जो बालपन में ही बड़ा खुश मिजाज था। उसके चेहरे पर हर पल हल्की सी मुस्कुराहट रहती थी।

विवान के होने से पहले उसके माता-पिता ने उसके पालन पोषण, उसको किस तरह रखना है, उसको कैसे संस्कार देने है इन विषयों पर चर्चा तो बहुत की थी परंतु समय के साथ वह सभी चर्चा झूठ साबित होने लगी।

और उसका कारण था विवान के माता-पिता का लगाव विवान से कहीं ज्यादा फोन पर था। वह विवान को प्यार तो बहुत करते थे लेकिन ईश्वर की कृप्या से उन्हें खुश मिजाज बच्चा मिला था।

वह यह बात सोशल मीडिया में फोटो और वीडियो डालकर पूरी दुनिया को बताना चाहते थे। विवान उनके लिए व्यूज़ पाने का जरिया भी बन चुका था।

कहते है की बचपन में बच्चों का मन कोरे कागज समान होता है उसके कोरे कागज समान मन को किस प्रकार भरना है, यह उसके माता-पिता और शिक्षक के हाथ में होता है।

ठीक इसी प्रकार विवान के माता-पिता उसकी सभी प्रक्रिया सोशल मीडिया पर डालकर उसे कम उम्र में ही स्टार बनाना चाहते थे।

विवान ने आज क्या पहना है, विवान ने आज क्या किया है, विवान ने आज क्या बोला है वह यह सब सोशल मीडिया पर लोगो को अपने घर वालों से पहले बताते थे। यही बोलकर की आप सब हमारी फैमली है हम अपनी खुशी आपके साथ साझा करना चाहते थे।

लोकन जैसे-जैसे समय बितता गया वैसे-वैसे विवान को थोड़ी थोड़ी समझ आने लगी और विवान को यह भी समझ आने लगा की मुझे तभी चुप रहना है जब मेरे आस-पास फोन होगा।

उसका कारण था विवान के रोने पर उसके माता-पिता द्वारा उसके साथ खेलकर नहीं बल्कि फोन देकर उसे चुप कराना और वही से विवान के कोरे कागज पर विवान के माता-पिता द्वारा लिखा गया कि अगर तुम्हारे पास फोन होगा तो तुम्हे चुप रहना है।

फोन द्वारा चुप कराना विवान के माता-पिता का रोज का काम हो चुका था। वह विवान के साथ तभी समय बिताते थे जब उनके हाथ में फोन नही होता था।

बाकी कभी-कभी जब विवान के साथ खेलने का उनका मन होता था तो वह उसे खिला लेते थे वरना ज्यादतर वह विवान को खेलने के लिए फोन ही पकड़ाते थे।

लेकिन कहीं ना कही विवान भी अब फोन का आदि हो चुका था। वह कभी-कभी अपने माता-पिता से भी काबू में नही आ पाता था। जब उसे अपने हाथ में फोन चाहिए होता था ।

वही समय के साथ लगभग दो साल की उम्र में ही विवान सोशल मीडिया का स्टार बन चुका था और इस बात से विवान से ज्यादा खुशी उसके माता-पिता को हो रही थी की दो साल में ही विवान सोशल मीडिया का स्टार बन चुका था।

दो साल के विवान को तो पता ही नही था की वह सोशल मीडिया का स्टार बन चुका है। स्टार होता क्या हैं और इस बात की उसको समझ तक नही थी उसको इतना जरूर पता था की फोन सामने होने पर मुस्कुराना है।

To Be Continue Part - 2